चौमूं । पुलिस उपायुक्‍त जयपुर पश्चिम प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि दिनांक 30.07.2021 को परिवादी मुकेश शर्मा पुत्र स्‍व. श्री बद्रीनारायण शर्मा उम्र 41 साल जाति ब्राहाम्‍ण निवासी मकान नम्‍बर A-3 अशोक विहार चौमूं थाना चौमू जिला जयपुर हाल 103 शिव शक्ति अपार्टमेन्‍ट सेन्‍ट्रल स्‍पाईन विधाधर नगर थाना विधाधर नगर जिला जयपुर ने थाने में एक रिपोर्ट इस आश्‍य की पेश की कि हम दो भाई है। बडा मै स्‍वयं हूं तथा छोटा भाई देवेश शर्मा है तथा चार बहने है हम मूलरुप से गॉव सिंगोद कलां के रहने वाले है मै चौमू मे अशोक विहार कॉलोनी मे प्‍लॉट नं. A/3, मे करीब 22 साल से मकान बना रखा है। मेरी माताजी इसी मकान मे रहती थी । मै विधाधर नगर जयपुर मे परिवार रहता हॅू तथा चौमू मे जयपुर रोड पर डॉ. शर्माज डायग्‍नोस्‍टिक सेन्‍टर के नाम से सेन्‍टर कर रखा है मै M.B.B.S., D.M.R.D.हूं एंव डॉ. शर्माज डायग्‍नोस्‍टिक सेन्‍टर मे सोनोग्राफी का काम करता हॅू एंव छोटा भाई देवेश मणिपाल हॉस्‍पीटल सीकर रोड, जयपुर मे एक अर्पाटमेन्‍ट मे रहता है एंव उसकी चौमू अनाज मण्‍डी मे शिव शक्‍ति ड्रेडिंग कम्‍पनी के नाम से दुकान है । मै मेरी माताजी से मिलने जाता रहता था एंव उनके पास अशोक विहार दोपहर का खाना 2-3 दिन मे खाने जाया करता था । कल दिंनाक 29-07-21 को मै मेरी सोनोग्राफी सेन्‍टर चौमू मे था समय 11.19 AM पर मेरे मोबाईल न. 9785777799 पर मेरे जीजाजी निखिल भारद्धाज का मोबाईल न. 9414151687 से फोन आया और उन्‍होने बताया कि मेरी दीदीयां मेरी माताजी को सुबह से फोन मिला रही है और माताजी फोन नही उठा रही है, और खाना बनाने वाली सुबह घर आयी थी और घर खुला है। सामान बिखरा पडा है और मम्‍मी कहीं दिखाई नही दे रही है। उन्‍होने कहा कि मै तुरन्‍त अशोक विहार जाकर पता करुं । फिर मै अपने सेन्‍टर से तुरन्‍त निकला और अशोक विहार घर पर पहूँचा तो देखा कि घर खुला था मै अन्‍दर गया तो देखा कि घर का सामान बिखरा पडा था और माताजी पंलग पर लेटी थी । मैने उन्‍हें हिलाकर जगाना चाहा पर वो नही हिली फिर मैने बाहर जाकर आस-पास के लोगों को घटना के बारे मे बताया फिर मैने चौमू पुलिस थाना स्‍टाफ महेन्‍द्र जी को उनके मोबाईल न. 9875047140 पर 11.34 AM पर घटित घटना की सूचना दी फिर थोडी देर पुलिस घर आ गयी थी उसके बाद पुलिस की कई जांच एजेन्‍सीज घर आई और घटनास्‍थल का मुआवना किया और उसके बाद मेरी माताजी की मृत शरीर को एम्‍बूलेन्‍स द्वारा चौमू C.H.C. ले जाया गया जहॉ पर पंचनामा व पोस्‍टमार्टम के बाद माताजी की लाश मुझे सुपुर्द की उसके बाद माताजी की लाश घर ले गई और सामाजिक क्रियाक्रम के बाद अन्‍तिम संस्‍कार शमशान ले जाकर किया गया । किसी अज्ञात व्‍यक्‍तियों द्वारा हमारे घर मे लुटपाट कर मेरी माताजी श्रीमति सावित्री देवी की हत्‍या की है । कल दिंनाक 29-07-21 को मै माताजी के पंचनामा, पोस्‍टमार्टम कार्यवाही एंव दाह संस्‍कार मे व्‍यस्‍त होने के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा सका था जो आज रिपोर्ट दर्ज करवा रहा हॅू । मेरी माताजी श्रीमति सावित्री देवी की हत्‍या व घर मे लुटपाट करने वाले व्‍यक्‍तियों के खिलाफ कार्यवाही करने की कृपा करे आदि रिपोर्ट पर थाना चौमू पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्‍भ किया गया।

गठित टीम:- घटना की गंभीरता को देखते हुये अतिरिक्‍त पुलिस उपायुक्‍त जयपुर पश्‍चिम  रामसिहं आरपीएस व सहायक पुलिस आयुक्‍त चौमू राजेन्‍द्र सिहं निर्वाण को विशेष दिशानिर्देश दिये गये व थानाधिकारी चौमू हेमराज सिहं गुर्जर के नेतृत्‍व मे व डीएसटी टीम प्रभारी  नरेन्‍द्र सिंह खींचड पुलिस निरीक्षक की दो विशेष टीम गठित की गई। 

टीम द्वारा किये गये प्रयास:- पुलिस को 29.07.2021 को समय लगभग 11.45 एएम पर थाने पर यह सूचना मिली थी कि कस्‍बा चौमूं स्थित अशोक विहार कॉलोनी में पानी की टंकी के पास एक वृद्ध महिला घर में अकेली रहती थी उसके घर के दरवाजे खुले पडे है और महिला की लाश बेड पर पडी हुयी है तथा घर का सामान बिखरा पडा है । उक्‍त ईत्‍तला मिलते ही तुरंत थानाधिकारी चौमूं एवं एसीपी चौमूं मौके पर पहुंचे साथ ही उच्‍चाधिकारियों को भी हालात बताये गये जिस पर अति. पुलिस उपायुक्‍त पश्चिम व मैं स्‍वयं मौके पर गये। घटनास्‍थल को देखा तो वृद्ध महिला की लाश कमरे में बेड पर पडी हुयी थी। प्रथम दृष्टिया देखने से ही लग रहा था कि महिला की गला घोंटकर हत्‍या की गयी है और तीन कमरों की आलमारियों में से सामान बाहर बिखरा पडा था लेकिन एक कमरे की आलमारी से कुछ सामान ही नीचे डाला हुआ था बाकी सारा सामान सलीके से रखा हुआ था। मृतका के बडे बेटे से उस कमरे के बारे में पुछा गया तो पता चला कि वह कमरा छोटे बेटे देवेश का है। उसने बताया कि मैं मेरे बच्‍चों सहित जयपुर में रहता हूं और चौमूं में ही मेरा डायग्‍नोस्टिक सेन्‍टर है। छोटा बेटा देवेश भी जयपुर किराये के फ्लेट में रहता है और उसकी भी अनाज मण्‍डी चौमूं में दुकान है और वह भी यहां नहीं है और मम्‍मी शाम को 7.00 बजे के बाद घर को अंदर से बंद कर लेती है तथा किसी परिचित के आने पर ही दरवाजा खोलती है अन्‍यथा किसी अंजान व्‍यक्ति के लिये घर का दरवाजा नहीं खोलती है इससे उसी वक्‍त पुलिस को इस बात का अंदेशा हुआ कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है निश्चित रूप से किसी परिजन द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है। सभी संभावनाओं एवं पहलुओं को नजर में रखते हुये उसी समय मौके पर एफएसएल टीम, फिंगर प्रिंट टीम, डॉग स्‍क्‍वॉड एवं 3डी ईमेज स्‍केनर टीम को मौके पर बुलाकर मौका दिखवाया गया। मृतका की लाश का पोस्‍टमार्टम करवाकर मृत्‍यु के कारण की जानकारी की गयी तो यह शक यकीन में बदल गया कि मृतका की मृत्‍यु गला घोंटने से ही हुयी है।  डीएसटी टीम के द्वारा घटनास्‍थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालकर आरोपियों की पहचान करने का कार्य किया गया व थानाधिकारी के नेतृत्‍व में घटित टीम द्वारा मृतका के परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्‍त की गयी। गठित टीमों द्वारा लगातार दिन रात मेहनत कर प्रकरण का खुलासा करने में लगभग 48 घंटे में सफलता हासिल की। उक्‍त हत्‍याकाण्‍ड व लूट का आरोपी मृतका का छोटा बेटा देवेश शर्मा पुत्र स्‍व. श्री बद्रीनारायण उम्र 33 साल जाति ब्राहम्‍ण निवासी
ए-3 अशोक विहार चौमूं हाल फ्लेट नम्‍बर 112 बालाजी टावर- दितीय,
विधाधर नगर जयपुर ही निकला जिसने इस ब्‍लांइड सनसनीखेज हत्‍याकाण्‍ड व लूट को अपने एक साथी के साथ अंजाम दिया था। जिसे इस प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया गया है।


तरीका वारदात व कारण:- पूछताछ के दौरान गिरफ्तारशुदा मुल्जिम देवेश ने बताया कि मेरे स्‍वर्गीय पिता ने व्‍यवसाय करके काफी प्रोपर्टी अर्जित की थी जो इस प्रकार से है- कैलाश विहार चौमूं में 700 वर्गगज का प्‍लॉट, रामनगर रावणगेट 400 वर्गगज का प्‍लाट, आदित्‍य नगर मोरिजा रोड 400 वर्गगज का प्‍लॉट, अशोक विहार 500 वर्गगज का प्‍लॉट, मोरिजा रोड 300 वर्गगज का प्‍लॉट, जमशेदपुर में एक प्‍लॉट व एक मकान व 8 दुकान, रोड नम्‍बर 14 पर एक प्‍लॉट, चौमूं मण्‍डी में दुकान, गांव में मकान व 16 दुकान, पिताजी का देंहात वर्ष 2003 में होने के बाद धीरे-धीरे मैं चौमूं अनाज मण्‍डी में स्थित दुकान का काम संभाल लिया और मेरा बडा भाई मुकेश एमबीबीएस करने लग गया । उसके बाद मैंने दुकान की कमाई से ही अशोक विहार में ही 455 वर्गगज का एक प्‍लाट, विधाधर नगर में 180 वर्गगज की प्‍लॉट, विधाधर नगर में ही एक फ्लेट, मगध नगर में 622 वर्गगज का एक प्‍लॉट, जयपुर रोड में जहां वर्तमान में मेरे भाई ने शर्मा डायग्‍नोस्टिक सेन्‍टर खोल रखा है मेरी कमाई से खरीदे थे। वर्ष 2015-16 से ही मुझे व्‍यापार में घाटा होने लगा और मुझ पर धीरे धीरे कर्जा होने लगा तो मैंने मेरे भाई से प्रोपर्टी का बंटवारा करने के लिये बार बार कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। कुछ लोगों की मध्‍यस्‍थता से वर्ष 2018 में मुझे मण्‍डी वाली दुकान व अशोक विहार वाला खाली प्‍लॉट दे दिया गया बदले में मुकेश ने डायग्‍नोस्टिक सेन्‍टर वाली कॉर्मिशियल जमीन, विधाधर नगर वाला प्‍लॉट व फ्लेट ले लिया जो कि मुझे मिली प्रोपर्टी से 1.5 करोड से अधिक की थी इसके बाद भी मैं चुप रहा। वर्ष 2019 में मेरी शादी हो गयी जब मेरी पत्‍नी घर आयी उसी समय से घर में झगडे शुरू हो गये और मुझे मजबूरन अपनी पत्‍नी के साथ जयपुर बालाजी टावर में किराये के फ्लेट में शिफ्ट होना पडा। इसके बाद भी मैंने कई बार भाई व मम्‍मी से सम्‍पति का बंटवारा करने के लिये कहा लेकिन नहीं माने और यह जवाब दिया कि जब तक मम्‍मी जिंदा है सम्‍पति का बंटवारा नहीं होगा। मेरे उपर करोडों का कर्जा हो गया और मांगने वाले मण्‍डी में स्थित मेरी दुकान पर रोज चक्‍कर काटने लग गये तो मैंने पिछले 2 महिने से दुकान पर बैठना बंद कर दिया । मेरे बुरे हालात के बारे में मैंने मेरे पास काम करने वाले केशव से कई बार चर्चा की आखिरी बार मैंने व केशव ने मेरी आर्थिक समस्‍याओं के बारे में 26.07.2021 को बातचीत की तो मैंने केशव से कहा जब तक मम्‍मी जिंदा है। सम्‍पति का बंटवारा नहीं होगा अगर तु मेरा साथ देगा तो मेरी मम्‍मी की हत्‍या कर देते है किसी को पता भी नहीं चलेगा और बंटवारे में करोडों रूपये की सम्‍पति मुझे मिलेगी जिससे मैं हस्‍तेडा गांव में ही तेरे को खल काकडे की बडी दुकान खुलवाकर दे दूंगा और नकद रूपये भी दे दूंगा जिससे तू अपनी जिंदगी मजे से जी लेगा। दो दिन के सलाह मशवरे के बाद आखिरकार मैंने आखिरी प्‍लान तैयार कर लिया और हस्‍तेडा निवासी मनोज की वेगनार कार मांग ली और मेरी एस-क्रोस गाडी को अशोक विहार में घर के बाहर खडी कर दी ताकि लोग शक नहीं करें। दिनांक 28.07.2021 को मैं बाद दोपहर जयपुर फ्लेट से रवाना होकर गोविन्‍दगढ पहुंचा और केशव को मैंने साथ ले लिया। दिनभर हम दोनों वेगनार कार में इधर उधर घूमते रहे और रात को 9.30 बजे के आस पास हम दोनों ने अपने अपने मोबाईल बंद कर लिये जिससे बाद में पकडे जाने की सम्‍भावना नहीं रहे । साथ ही चूंकि मैं कॉलोनी में सीसीटीवी कैमरे कहां कहां लगे हुये है जानता था। इसलिए उनसे बचने के लिये हम दोनों लगभग 9.45 पीएम पर मंगलम सिटी के रास्‍ते से कचोलिया रोड पर आये और उसके बाद एक गली से घर के सामने साईड में वेगनार गाडी खडी कर दी । चूंकि मेरी मम्‍मी कभी भी मैंन गेट के ताला नहीं लगाती थी। इसलिए मैं गेट खोलकर अंदर चला गया और जिस कमरे में मम्‍मी सोती थी उसकी खिडकी के पास जाकर मम्‍मी को जगाया और दरवाजा खुलवाया। मम्‍मी ने मेरे से पुछा कि इतनी रात को कहां से आया है तो मैंने बताया कि मैं रात को यहीं सोउगां तो मम्‍मी ने कहा कि ठीक है तुझे खाना खाना है तो खा लेना मैं सो रही हूं। इसके बाद मम्‍मी अपने कमरे में जाके सो गयी तो मैंने केसव को भी मकान के अंदर बुला लिया। हमने लगभग आधा घण्टा इंतजार किया और फिर सोती हुयी मम्‍मी का गला घोंटकर मार दिया तथा उसे इस तरह से लेटा दिया कि कोई भी देखे तो यह लगे कि वो सो रही है। इसके बाद मैंने मेरे कमरे की आलमारी में से थोडा सा सामान फर्श पर बिखेर दिया तथा मम्‍मी वाले कमरे में मौजूद आलमारियों में जो भी सामान ठीक लगा हमने दो बैगों में डाल लिया फिर तीसरे कमरे का सामान भी बिखेर दिया ताकि पब्लिक एवं पुलिस को यह भी लगे कि किसी ने लूट के चक्‍कर में मम्‍मी का मारा है इसके बाद मैं व केशव उसी रास्‍ते से वेगनार से जयपुर मेरे फ्लेट पर चले गये क्‍योंकि मेरी पत्‍नी अपने पीहर गयी हुयी थी। इसके बाद सुबह 6.00 बजे के करीब हम दोनो फ्लेट से रवाना हुये और मैंने हस्‍तेडा केश्‍व को उसके घर के बाहर छोड दिया और उसे बताया कि तैयार होकर आ जा तुझे अपने मूल गांव मथूरा की तरफ जाना है जब मामला शांत हो जायेगा तब मैं तुझे बुला लूंगा और तुझसे मैने जो वादा किया है वो पुरा कर दूंगा। तैयार होकर आने के बाद मैं उसे अपने साथ लाया और मैंने उसे जयपुर जाने वाली बस मैं बैठा दिया। इसके बाद मैंने वेगनार यही छोड दी और मेरे मिलने वाले आनन्‍द को साथ लेकर मैं मेरे फ्लेट पर करीब 11.30 बजे दिनांक 29.07.2021 को पहुंच गया उसी दौरान मेरे भाई मुकेश का मेरे पास फोन आया कि घर का सामान बिखरा पडा है और मम्‍मी की डेथ हो गयी है तू कहां है तो मैंने बताया कि मैं फ्लेट पर ही हूं आ रहा हूं। इसके बाद मैं आनन्‍द को साथ लेकर रवाना होकर घर पर आ गया। मैंने इस घटना को अंजाम देने से पहले बचने के सारे तरीके काम में लिये थे लेकिन फिर भी मेरा राज खुल गया और मैं पकडा गया।
पुलिस के मुल्‍जिम से लूटा गया माल बरामद करने के प्रयास जारी है।